आंदुंग खमेर कम्यून | कम्पोट प्रांत


ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • लोन नोल प्रशासन के दौरान 1974 में एक सांगकट (कॉम्यून) के रूप में नामित किया गया।
  • खमेर रूज के बाद पुनः स्थापित; 2008 में सीमाएँ समायोजित।
  • आधिकारिक तौर पर 1974 में स्थापित दर्ज (गृह मंत्रालय, 2016)।

जनसांख्यिकी आँकड़े (2019)

जनसंख्या ≈ 6,247 निवासी।

  • आयु वितरण: ~30% 15 वर्ष से कम, 65% 15–64 वर्ष, 5% 65 वर्ष से अधिक।
  • जातीय संरचना: >93% खमेर; छोटे चाम (मुस्लिम), वियतनामी और लाओटियाई अल्पसंख्यक।
  • धर्म: मुख्यतः थेरवाद बौद्ध धर्म (~86%); अल्पसंख्यक रूप में इस्लाम और ईसाई धर्म।

आर्थिक गतिविधियाँ

कृषि लगभग 71% परिवारों को रोजगार देती है:

  • चावल की खेतीदो धान की फसलें; ~38 हेक्टेयर गीली-मौसम और 15 हेक्टेयर शुष्क-मौसम धान। उपज ≈ 5.6 टन/हेक्टेयर (2022)।
  • नकद फसलेंपूर्वी किनारे पर रबर और मिर्च के छोटे-छोटे क्षेत्र।
  • पशुधन और मुर्गीपालन: ~3,200 मवेशी, 1,650 मुर्गियाँ, 480 बत्तखें (2021 में पंजीकृत)।
  • गैर-कृषि कार्य: ~19% सेवा (खुदरा, परिवहन), ~10% पर्यटन/कृषि-पर्यटन।

संरचना एवं सार्वजनिक सेवाएँ

सड़केंराष्ट्रीय राजमार्ग 3 के माध्यम से पहुँच; 4.5 किमी का उन्नयन 2021 में किया गया।

बिजली: 96% कवरेज (ग्रिड और सौर घर)।

जल और स्वच्छतागहरी ट्यूबवेल और पाइप नेटवर्क लगभग 70% घरों को सेवा प्रदान करते हैं; यूनिसेफ के अनुमानों से जलजनित बीमारियों में 69% की कमी दिखाई देती है।

स्वास्थ्य सुविधाएँएक सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र (2 नर्सें, 1 दाई) और निकटतम जिला अस्पताल 15 किमी दूर।

शिक्षा: तीन प्राथमिक विद्यालय (~2,400 छात्र) और एक माध्यमिक विद्यालय (~650 छात्र).

प्रशासनिक संरचना

कॉम्यून मानक कंबोडियाई मॉडल का अनुसरण करता है: एक कॉम्यून प्रमुख, दो उपप्रमुख और नौ निर्वाचित पार्षद (सीपीपी के पास 7 सीटें हैं; विपक्ष का प्रतिनिधित्व सीमित है)।

सांस्कृतिक विरासत

एक छोटा अंकोरियन-कालीन मंदिर खंडहर (वाट अंडौंग) इस कम्यून में स्थित है, जो शिव-भद्रेश्वर को समर्पित है। वार्षिक बौद्ध उत्सव स्थानीय शोभायात्राओं को आकर्षित करते हैं।

विकास योजनाएँ

2023–2027 की कम्यून विकास योजना (ग्रामीण विकास मंत्रालय) प्राथमिकताएँ निर्धारित करती है:

  • 2026 तक शुष्क-मौसम में चावल के क्षेत्र को 25% तक बढ़ाने के लिए सिंचाई का विस्तार करें।
  • 1,000 छात्रों के लिए एक माध्यमिक विद्यालय की शाखा का निर्माण करें (लक्ष्य: 2025 की तीसरी तिमाही)।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग 3 के बाईपास से जुड़ने के लिए अतिरिक्त 18 किलोमीटर सड़क का निर्माण करें।
  • एडीबी-वित्तपोषित प्रमाणन कार्यक्रमों के माध्यम से जैविक मिर्च और रबर को बढ़ावा दें।